Thursday, 15 September 2016

हम हंसी तलाशते रहे, गुम हो गई मुस्कान भी ------ अनीता गौतम




Anita Gautam

कुछ मैंने भी कहा है...!Anita Gautam
(अब तक फेसबुक पर लिखे अपने शब्दों को इकट्ठा कर दिया है।)
अनिता गौतम.
1) हवाओं को कभी अपना पैगाम भेजोगे
हर पन्ने पर हमारा ही नाम लिखोगे...!
2) तुम्हारा आना, मुस्कुराना और ख्वाबों को सजाना
गले से लगाकर वो प्यार जताना,
सब बीते जमाने की बात हो गई है।
अब तो तन्हाई ही हमसफर है, 
और खामोशी ही तुम्हारी 
सबसे अनमोल सौगात हो गई है।।
3) दोस्ती-दुश्मनी का कोई मतलब नहीं रहा।
जब जी रहे हैं सभी, सिर्फ अपने लिये यहां।।
4) ऐ दीये! तू ‘उनके’ ही घर रौशन कर 
मेरा आंगन तो ‘उनकी’ यादों से ही जगमग है।
5) ये सिमटी धरती, ये विस्तृत नजारे,
मुस्कुराता चांद, ये झिलमिल सितारे
सब अपने से लगते हैं. . . 
जब आप हमें अपना कहते हैं ।
6) इंतजार कर लेंगे, इकरार कर के तो जाओ.
खामोश नजरों से, इजहार करके तो जाओ।
7) सितारों के बीच मुस्कुराता चांद तन्हा सा क्यों है,
क्यों उसकी निगाहें धरा पर ही टिकी रहती,
कोई तो है जिसकी तलाश उसे आज भी है....?
8) तुम्हारी खामोशी सितम बन गयी है,
कहीं मर न जायें सितम सहते सहते।।
9) देखों तुम्हारे रुठने से मौसम भी बदल जाते हैं,
गर मुस्कुरा सको तो मंजर कुछ और हो !
10) तुमसे दूर होकर जीना कब चाहा हमने। 
गर तुम जी सको तो इजाजत है तुम्हें।।
11) हसीन लम्हों को सासों में बसा लो,
कौन जाने कब ये सांस थम जाये !!!
12) कोई दर्द से तड़प रहा या किसी की रूह भटक रही है,
किसी के अपने छूट रहे हैं या किसी के ख्वाब टूट रहे हैं?
13) ता उम्र अपनी चाहतों का हिसाब मांगते रहे । 
तेरी एक मधुर मुस्कान ने कर्जदार बना दिया ।।
******


  14) दिल तो पहले ही ले लिया...
फिर कहते ...
दिल से दिल की बात समझो !!!
15) थोड़ा हम ऊपर जायें, थोड़ा आसमान झुक जाये,
कुछ इस तरह धरा - गगन का मिलन हो जाये|
16) चाहा भी मरना, तो मर न सके
ये सांसें तुम्हारी अमानत जो थी।
17) शिकवे -शिकायतों ने बढ़ा दी दूरियां,
बेवफा तो हम दोनों ही न थे ।।
18) जजबात को शब्दों का मोहताज न बना,
झुकी नजरें भी मोहब्बत को बयां करती हैं।
19) हमारी ही दुआओं से आप कामयाब हैं
हम आम ही रहे, पर आप तो “खास” हैं।
20) गम-ए-जिन्दगी की बर्बादियों का हिसाब करोगे
हर खाने में बस ‘मोहब्बत’ को पाओगे
सितम किसका था, दरकिनार कर
इल्जाम सिर्फ ‘उन’ पर लगाओगे।
21) तुम बेवफा नहीं यह तो धड़कनें भी कहती हैं
अपनी मजबूरियों का कोई पैगाम तो दिया होता।
22) अधूरी मोहब्बत "दास्तान" बनती है ,
तो मुकम्मल प्यार "अफसाना...।"
23) भरी महफिल में भी तन्हा ही रहे हम,
एक तेरे साथ ने महफिल सजा दिया।।
24) यूं तो नजारों में हजारों रंग बिखरे हैं
हर रंग फीका है, एक तुम्हारे बिना !
25) साथ जीने की कसम से बंधे हैं ये जिस्मों- जां,
एक बार आ जाओं... तो ये दम निकले ।।
26) आंसुओं के संग बह गयीं हैं बद्दुआयें सारी
जो लग जाती तो तुम बिखर जाते ।।
27) तुम्हारी हर बात याद आई
जब भी तुम्हें भुलाना चाहा।।
28) कहानी हमारी अधूरी है तुम बिन …
बस इक झलक की है दरकार बाकी !
29) चांद, सितारे... बहार, नजारे
सब तुम्हारी याद दिलाते हैं,
तुम कहते हो तुम्हें भुला दू !
30) तुम्हारे वादे पर है, हमें पूरा ऐतबार
तभी तो आज भी है तुम्हारा इंतजार।।
31) अनगिनत ख्वाहिशों के बीच जी रहे हैं लोग,
मैंने तो बस एक तुम्हारी ख्वाहिश की है।
32) तुम्हें भुलाने की बहुत कोशिश की ...
कहते हैं हर कोशिश कामयाब नहीं होती!
33) मैंने कब कहा मंजिल आसान थी ,
आपके साथ ने बस रास्ते बना दिये !
34) बारिश की बूंदे भी साजिश का शिकार हैं
कहीं मोती हैं, तो कहीं अश्कों की धार हैं।
35) दिल में हो या दिल के करीब हो ... ???
दिल अपना तो हो !
36) लिखा तो हमने अपनी हथेलियों पर, आपका ही नाम था,
डबडबाई नजर ने धुंधली की, बहते आंसुओं ने धो दिया।।
37) गम- ए- जिन्दगी की पहेलियों को सुलझाते रहे तुम 
खुली किताब थी मैं, कोई पन्ना, पलट लिया होता !!!
38) मुझे समझाने की जिद, और जुदा हो गये हम
काश . . .कि कभी मुझे भी समझ लिया होता !!!
39) आसमान में सितारों की तरह बिखरी हैं तुम्हारी यादें
किसे आंचल में समेटे किसे जाने की इजाजत दे दे !
40) हजार जिन्दगी इस मौत पर कुर्बान. . . .
जनाजे को तेरे कंधे का सहारा जो मिल गया !
41) गम छुपाते रहे, आपकी खुशी में साथ निभाते रहे।
दिल रोया, आंखे बरसी, फिर भी मुस्कुराते रहे।।
42) चांद ,सितारे, बहार और नजारे
सब उनके हमसफर हैं , 
जिनपर आपकी नजर है।
43) मुझे चाहोगे, इजाजत तो लेते,
जब चाहा , फिर निभा तो देते।
44) अनचाहे, अनजाने रिश्तों पर कितने इल्जाम?
सुना है मोहब्बत के भी उसूल होते हैं !!!
45) आज भी है दिल को तुम्हारा इंतजार,
सुना है लोग तुम्हारी वफा की कसमें खाते हैं।
46) आपसे सारी शिकायते खतम हो गई..
जब सुना, प्यार में तो लोग अक्सर बदल जाते हैं।
47) हर सांस तुम्हारे नाम थी, तुमसे ही हर शाम थी,
हम हंसी तलाशते रहे, गुम हो गई मुस्कान भी ।
48) दिल टूटा, हर ख्वाब आंसू बन कर बह गये, 
अब तो बस तुम्हारी यादें हैं और तन्हाई है।
49) तुमसे दूर होकर भी, जी रहे हैं हम,
कहते हैं दूरियों से प्यार बढ़ता है ।।
50) यहां न सही तुम संग, वहां घर अपना बसायेंगे,
सुना है, सितारों के आगे जहां और भी है।।
51) बेइरादा मिली जब नजर, मुस्कुरा उठे आप,
आज नजरों में बसकर भी, अजनबी बने हो।
52) बेवफा गर इंसान है, 
फिर वक्त क्युं बदनाम है ?
53) वक्त की जो है बेवफाई, 
इल्जाम इंसान के हिस्से में क्यों है आई ???
54) यूं हमारी राहें, आज जुदा-जुदा न होती,
गर तुमने, 
कुछ मुझको सुना होता, कुछ अपनी कही होती ।।
55) प्यार दिल से करो ....... जिस्म से नहीं।
खूबसूरत जिस्म में भी पत्थर दिल मिल जाते हैं।।
56) पंख फैलाओ , ऊंचाई तक जाओ ।
गढ़ो नया आसमान, भरो ऊंची उड़ान।।
57) तुम कहते हो , हमारी यादें सताती हैं तुम्हें,
प्यार करने की जिद भी तो तुम्हारी ही थी।।
58) विरान सी है जिन्दगी, तुम्हारे बिना, 
दिल लगाकर रिश्ता भी निभाया होता।
59) वफा की बात न करते , हमें इल्जाम न देते,
कभी हम साथ गुजरे थे, इसे गर याद कर लेते ।।
60) वे कौन होते हैं जो वादे पर मरते है,
हमसे तो कोई वादा भी नहीं करते हैं।
61) न ये अदा है , न मोहब्बत का इजहार
नजरें तो आपके अदब में झुक जाती हैं।
62) अमावश की रात को 'दीये' की दरकार है 
पूनम की रात तो चांद से ही गुलजार है।।
63) तेरे बाद ये समझा, तेरे बाद ये जाना, 
कि जिन्दगी तुझसे थी इतनी हसीं !!!
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