Akhilesh Kumar Singh
लालू यादव को ‘चारा चोर’ बनाने का सच ।। :कर्नाटक के पूर्व डीजीपी एवं चारा घोटाले के मुख्य जांच अधिकारी एपी दुराई (IPS) ने अपनी आत्मकथा “परसूट आफ ला एंड ऑर्डर” (Pursuit of law and order) में अध्याय 26 “द सीबीआई वर्सेज लालू प्रसाद यादव” (The CBI Vs Lalu Prasad Yadav) में पृष्ठ 230, 231, 232 में लिखा है कि सीबीआई ने अपने द्वारा दायर 49 मुकदमो में से 7 में लालू प्रसाद यादव को मुजरिम बनाया है। उन्होंने लिखा है कि लालू प्रसाद यादव एवं कुछ आईएएस को फंसाने का गम्भीर षड़यंत्र किया गया। देश की न्यायिक व्यवस्था में ऐसा होना ठीक नही है। मीडिया ने भी लालू प्रसाद यादव को बिना मुजरिम सिद्ध हुए खुद ही ट्रायल कर उन्हें अपराधी घोषित कर दिया।
आईपीएस अधिकारी एपी दुराई की यह स्वीकारोक्ति इस देश के बहुजन, शोषित, दमित समाज को हजार वर्षों से अपराधी, नकारा, असुर, राक्षस आदि घोषित करने की निकृष्ट परम्परा को उद्घाटित करता है। एपी दुराई साहब ने जो कुछ भी अपनी किताब में खुद की आत्मकथा में लिखा है वह वंचित समाज की ऐसी व्यथा कथा है जो शायद ही सुनने को मिले। यह देश और इस देश का तथाकथित बुद्धिजीवी जो सदैव ही परजीवी रहा है कमरों/अर्जकों/उत्पादकों की कमाई का, वह सर्वदा ही श्रम करने वालो को हिकारत की नजर से देखता रहा है और गाहे-बगाहे जब भी मौका पाया है उन्हें अपमानित व लांछित कर ने का कुकर्म किया है जिसका एक घृणित उदाहरण लालू प्रसाद यादव को चारा चोर सिद्ध कर डालने का षणयंत्र करना है ।
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