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Friday, 12 April 2013

पास्को विरोधी संघर्ष के साथ एकजुटता

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लखनऊ 12 अप्रैल। पास्को विरोधी संघर्ष के साथ एकजुटता दिवस पर प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश विधान सभा के सामने जिला मंत्री मो ख़ालिक़ के नेतृत्व मे लखनऊ के कोने -कोने से आए मजदूर,किसान,महिलाओं ने गगनभेदी नारे लगाते हुए का. आशा मिश्रा की अध्यक्षता मे धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए का. परमानंद द्विवेदी ने कहा कि उड़ीसा की सरकार ने किसानों की बेशकीमती उपजाऊ भूमि व पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने वाले जंगलों को कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने हेतु कोरिया की स्टील कंपनी को कौड़ियों के भाव भूमि अधिग्रहण कर किसानों को बेरोजगार कर व पीढ़ी दर पीढ़ी बर्बाद करने के लिए कमर कस लिया है। और आंदोलनकारी किसानों के नेताओं पर बेबुनियाद हजारों मुकदमे व तमाम किसानों की हत्याएँ भी की गई हैं। जिसे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं कर सकती और आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मधुकर राम ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों को आठ वर्षों से चल रहे आंदोलन की समाप्ति करने हेतु हस्तक्षेप कर पास्को के लिए भूमि अधिग्रहण को तत्काल रोकना चाहिए। का. मो.अकरम ने कहा कि भारत की नव उदारवादी आर्थिक नीतियों ने देश में भ्रष्टाचार को जन्म दिया है। जिसके खिलाफ जनता को लामबंद हो कर मूल रूप से व्यवस्था को बदलने की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होने कहा कि जिससे लोकतन्त्र के निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी आजादी का लाभ मिल सके। का.विजय माथुर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि आज की सरकारें धर्म के आडंबर का सहारा ले कर विकृत राजनीति कर सत्ता हथिया लेती हैं और बड़े भू-माफियाओं व धनवानो को पैदा करने मे मदद करती हैं।उन्होने कहा कि,50 वर्षों के लिए कोरिया की कंपनी को उड़ीसा की कृषी उपयोगी उपजाऊ भूमि को लीज़ पर तो दे दिया गया है परंतु किसानो और कृषी मजदूरों के पुनर्वास का कोई प्रबंध नहीं किया गया है । वहाँ 8 वर्षों से हमारी पार्टी इकाई संघर्ष कर रही है और आज के दिन सारे भारत मे हमारी पार्टी उनके साथ एकजुट्टता का प्रदर्शन कर रही है तथा हमे उम्मीद है कि हम शीघ्र ही सफल होंगे। अंत में धरने को समाप्त करते हुए का. आशा मिश्रा ने कहा कि आज भारत के तमाम राज्यों की सरकारें गरीब किसानों की भूमि को अधिग्रहण कर बड़ी-बड़ी कंपनियों,बिल्डर्स व कॉर्पोरेट घरानों को दे कर बड़ा मुनाफा कमा रही हैं। वस्तुतः वे सरकार न चलाकर व्यापार कर रही हैं। अंत मे का. मो. ख़ालिक़ ने छः सूत्री निम्नलिखित बिन्दुओं का राष्ट्रपति को संबोधित माँगपत्र श्रीमान जिलाधिकारी महोदय को सौंपा। मांग पत्र में पास्को के विरोध में चल रहे जन आंदोलन में हुई क्षति को क्षति पूर्ति किया जाये। विदेशी स्टील कंपनी पास्को के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहण कदापि न किया जाए। पास्को परियोजना रद्द किया जाए। पिछले पास्कों विरोधी आंदोलन कारियों की हत्या की साजिश को बेनकाब कर हत्यारों को गिरफ्तार किया जाए। मृतक किसानों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाय। आंदोलन में समर्पित नेताओं पर लगे फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए। सभा को कान्ति मिश्रा,के सचान,अशोक रावत,महेंद्र रावत,बलवन्त लोधी तथा अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।

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संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त माथुर