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Thursday, 28 February 2013

स्वतन्त्रता सेनानी-गीतकार इंदीवर का पुण्य तिथि पर स्मरण

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 उपरोक्त स्कैन साप्ताहिक 'विश्व विधायक',13 फरवरी,2013 अंक के पृष्ठ-5 का है । इस लेख के रचयिता श्री महेंद्र भीष्म निवासी:डी-5,बटलर पैलेस आफ़ीसर्स कालोनी,लखनऊ-226001 हैं।

लेखक ने बताया है कि,15 अगस्त ,1924 को जन्मे इंदीवर जी का मूल नाम 'श्याम लाल बाबू राय' है और वह स्वाधीनता संघर्ष मे कई बार जेल भी गए थे। वह तब 'श्याम लाल आज़ाद' के नाम से कवि सम्मेलनों मे भाग लेते थे। 'ओ किराएदारों कर दो मकान खाली' कविता के वाचन पर भी उनको जेल यात्रा करनी पड़ी थी। देश की स्वतन्त्रता के 20 वर्ष बाद उनको 'स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी' का दर्जा दिया गया था।
इस लेख मे बताया गया है कि,इंदीवर जी ने अनेक लोकप्रिय गीतों की रचना की है जिनमे प्रमुख ये हैं-
'कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे','मेरे देश की धरती सोना उगले','दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा','दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है','रूप सुहाना लगता है' आदि।

महेंद्र भीष्म जी एवं 'विश्व विधायक' साप्ताहिक समाचार पत्र का आभार है जो आप तक 'इंदीवर जी की पुण्य तिथि' पर उनका स्मरण पहुंचाया जा सका। 








 संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त माथुर