Showing posts with label होली-दीवाली. Show all posts
Showing posts with label होली-दीवाली. Show all posts

Wednesday, 7 March 2012

होली क्या?और कैसे?

स्पष्ट रूप से पढ़ने के लिए इमेज पर डबल क्लिक करें (आप उसके बाद भी एक बार और क्लिक द्वारा ज़ूम करके पढ़ सकते हैं )



बाजारवाद,ढोंग और पाखंड ने मिल कर सभी पर्वो की वैज्ञानिकता समाप्त कर दी है। कुछ लोग समन्वय का प्रयास कर रहे है लेकिन अहंकारी लोग उनका उपहास उड़ाते और सांप्रदायिक मोड देते हैं। रेलवे का भ्रष्ट सर्जन आदि गत वर्ष ऐसा कर चुके हैं। 


 संकलन-विजय माथुर, फौर्मैटिंग-यशवन्त माथुर